बिना लिखित परीक्षा डॉक्टरों और इंजीनियरों की नियुक्ति

By: Dilip Kumar
5/29/2018 3:35:23 AM
नई दिल्ली

पटना@रामपाल प्रसाद वर्मा ।  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में डॉक्टरों और इंजीनियरों की नियुक्ति बिना लिखित परीक्षा के होगी। सिर्फ सर्टिफिकेट देखकर तकनीकी सेवा भर्ती आयोग अपने काम को आगे बढ़ाएगा। चिकित्सकों की संख्या और अधिक बढ़ाने की जरूरत है। यहां से उत्तीर्ण लोग बाहर चले जाएं यह ठीक नहीं। जब एमबीबीएस पास करेगा ही तो फिर लिखित परीक्षा की क्या जरूरत? सर्टिफिकेट देख लीजिए।

सोमवार को मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद कक्ष में स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने यह बात कही। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर 784 करोड़ की लागत से 301 योजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन किया।1मुख्यमंत्री ने इस मौके पर पीएमसीएच को विश्व स्तरीय अस्पताल के रूप में परिवर्तित किए जाने की योजना पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि पीएमसीएच को पांच हजार बेड का अस्पताल अगले पांच वर्षो में बनाया जाएगा। तीन चरणों में यह काम होगा। दुनिया में कहीं भी पांच हजार बेड का अस्पताल नहीं है। पहले हिस्से का काम जल्द आरंभ होगा।

निर्माण कार्य की वजह से पीएमसीएच में इलाज की व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी। योजना यह है कि पीएमसीएच पहुंचने के लिए अशोक राजपथ में भी एक फ्लाईओवर बनेगा। संवाद कक्ष में इस मौके पर पीएमसीएच को विस्तारित किए जाने की योजना पर एक लघु फिल्म भी दिखाई गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह एनएमसीएच और आइजीआइएमएस को भी ढाई-ढाई हजार बेड वाला अस्पताल बनाना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य उप केंद्रों के भवन इतने बेहतर बनने वाले हैं कि आधी बीमारी तो भवन देखकर ही ठीक हो जाएगी। उन्होंने कहा कि मेडिकल कचरा के निष्पादन की व्यवस्था सभी जगहों पर होनी चाहिए।

स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर कुछ इस तरह की व्यवस्था होनी चाहिए कि वहां सभी तरह की सुविधा मिल जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने स्वास्थ्य सेक्टर में आवश्यक चीजों पर नजर रखी है। याद करें जब सरकारी अस्पतालों के बेड खाली रहते थे। बेड पर मरीज नहीं कुत्ता रहता था। अस्पतालों में अब और अधिक बेड चाहिए।’


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