कुलवंत कौर के साथ बंसी लाल की रिपोर्ट। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मारवाड़ी यूनिवर्सिटी के 8वें दीक्षांत समारोह में ग्रैजुएट होने वाले छात्रों को संबोधित करते हुए उन्हें लचीलेपन, स्पष्टता और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्यों का पीछा करने के लिए प्रेरित किया। छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से भरी सभा में उन्होंने क्रिकेट में अपनी यात्रा को याद किया और इस बात पर ज़ोर दिया कि सफलता बाहरी तुलना से नहीं, बल्कि निरंतर प्रयास, फोकस और आंतरिक विश्वास से तय होती है। उन्होंने कहा, “यह सीखने की खूबसूरती है कि चैंपियन भी आजीवन सीखते रहते हैं। जिस दिन आप सीखना बंद कर देते हैं—उसी दिन आपका विकास रुक जाता है।”
समारोह में इंजीनियरिंग, प्रबंधन, विज्ञान, कानून, वाणिज्य, फार्मेसी, फिजियोथेरेपी और लिबरल स्टडीज़ के 3,358 स्नातकों को सम्मानित किया गया। इसके अलावा 45 गोल्ड मेडलिस्टों को हरमनप्रीत कौर द्वारा मेडल प्रदान किए गए। अपने कॅरियर से अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि आत्म-संदेह, सामाजिक अपेक्षाएँ और पुरुष क्रिकेट से लगातार तुलना ने उनके शुरुआती संघर्षों को और कठिन बना दिया था। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे अपनी यात्रा को अन्य लोगों की अपेक्षाओं के बजाय अपनी शर्तों पर परिभाषित करें। उन्होंने कहा, “लोग आपकी तुलना करेंगे, सवाल उठाएँगे और बताएँगे कि आप क्या नहीं कर सकते। लेकिन जब आप स्वयं पर भरोसा करते हैं और अपना रास्ता चुनते हैं, तो आप इधर-उधर देखना बंद कर देते हैं और आगे बढ़ना शुरू कर देते हैं।”
उन्होंने वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने की जिम्मेदारी पर बात की और बताया कि लचीलापन और सामूहिक ताकत ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम को कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियाँ दिलाई हैं। भारत की हालिया आईसीसी महिला विश्व कप जीत का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि सिर्फ मैदान पर की गई तैयारी नहीं, बल्कि विश्वास, टीमवर्क और देश से मिले अटूट समर्थन का परिणाम थी।
उनके शब्दों में, “यह जीत सिर्फ हमारी नहीं थी; यह हर उस लड़की की जीत थी जिसने सपने देखने की हिम्मत की, हर उस माता-पिता की जो हमारे साथ खड़े रहे, और हर प्रशंसक की जिन्होंने हम पर विश्वास किया।” हरमनप्रीत कौर ने छात्रों से दयालु रहने, विनम्र बने रहने और आगे बढ़ते समय दूसरों को साथ लेकर बढ़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा, “ताकत सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि में नहीं होती, बल्कि दूसरों को ऊपर उठाने में भी होती है।” उन्होंने इस उपलब्धि पर छात्रों को बधाई दी और अभिभावकों को बच्चों की आकांक्षाओं का समर्थन करने के लिए सराहा।
मारवाड़ी यूनिवर्सिटी की ओर से, ट्रस्टी ध्रुव मारवाड़ी ने कहा, “हरमनप्रीत कौर की यात्रा साहस, अनुशासन और नेतृत्व की सच्ची मिसाल है। उनके प्रेरक शब्द हमारे छात्रों के साथ हमेशा रहेंगे, जब वे जीवन के अगले अध्याय की ओर कदम बढ़ाएँगे।”
अगस्त का महीना भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की अमर गाथाओं का स्मरण कराता है। 9 अगस्त को 'भ ..Read More
कर्ण गोष्ठी कल्याण समिति नोएडा द्वारा कार्यकारिणी सदस्यों का बैठक इंदिरापुरम स्थित सें ..Read More
दिल्ली विश्वविद्यालय में नए शैक्षणिक सत्र के प्रथम दिन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अ ..Read More
कर्ण गोष्ठी कल्याण समिति नोएडा के तत्वावधान में चिकित्सा सेवा के अंतर्गत हृदय स्वास्थ् ..Read More
प्रभात झा के विचारों ने पीढ़ियों का पथ आलोकित किया। उन्होंने अपने विचार, लेखनी, संगठन ..Read More
अपने पूजनीय दादा राजेंद्र प्रशाद मिश्रा पूर्व (रिट) (आईपीएस)बिहार पुलिस केडर,मशहूर फुट ..Read More
ऑल कायस्थ नामक राष्ट्रीय संस्था की आम बैठक रविवार को रांची के बरियातू स्थित बारात घर म ..Read More
भारत के सबसे बड़े वैश्विक वस्त्र आयोजन भारत टेक्स 2026 की पूर्व संध्या पर देश का संपूर ..Read More
कारगिल युद्ध में शहीद हुए वीर सैनिकों की स्मृति को नमन करते हुए श्री राम सेवा संस्थान ..Read More