इकोसस्टेनेबल डेवलपमेंट फाउंडेशन (ESDF) नई दिल्ली द्वारा ग्लोबल एनवायरनमेंट समिट एवं अवार्ड्स–2026 का सफल आयोजन एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर, नई दिल्ली में किया गया। इस अवसर पर नीति-निर्माताओं, वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, पर्यावरणविदों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और पर्यावरणीय चुनौतियों तथा सतत विकास के लिए प्रभावी समाधानों पर विचार-विमर्श किया। आयोजन सचिव डॉ. बिनय कुमार ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए वर्तमान समय की प्रमुख पर्यावरणीय एवं स्थिरता संबंधी चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने जलवायु परिवर्तन, पर्यावरणीय क्षरण, जैव विविधता संरक्षण तथा प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग के लिए सामूहिक प्रयासों, नवाचार और उत्तरदायी नेतृत्व की आवश्यकता पर बल दिया।
समिट के उद्घाटन सत्र में अरुण गोयल, पूर्व सचिव,p भारत सरकार (कैबिनेट सचिवालय) एवं पूर्व सदस्य, केंद्रीय विद्युत विनियामक आयोग (CERC), मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने सतत एवं जलवायु-अनुकूल भविष्य के निर्माण के लिए नवोन्मेषी नीतियों, स्वच्छ ऊर्जा पहलों तथा सहयोगात्मक शासन व्यवस्था के महत्व को रेखांकित किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. (डॉ.) मंजू मोहन, पूर्व वरिष्ठ प्रोफेसर एवं पूर्व अध्यक्ष, सेंटर फॉर एटमॉस्फेरिक साइंसेज़, आईआईटी दिल्ली, तथा डॉ. विशाल चौधरी, साइंटिस्ट-एफ, प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय, भारत सरकार, उपस्थित रहे।
प्रो. (डॉ.) मंजू मोहन ने पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने तथा जलवायु लचीलापन बढ़ाने में वैज्ञानिक नवाचार, जलवायु अनुसंधान और प्रकृति-आधारित समाधानों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। वहीं डॉ. विशाल चौधरी ने हरित एवं स्वच्छ भारत के निर्माण हेतु तकनीकी नवाचारों, सतत प्रथाओं और साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण के महत्व को रेखांकित किया। समिट में डॉ. गोपाल के. सारंगी, एसोसिएट प्रोफेसर, टेरी स्कूल ऑफ एडवांस्ड स्टडीज़ तथा प्रो. (डॉ.) डी. पी. सिंह, निदेशक, हिंदू ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स, हरियाणा सहित अनेक प्रतिष्ठित वक्ताओं ने अपने विचार प्रस्तुत किए।
वक्ताओं ने पर्यावरणीय नीतियों को मजबूत बनाने, स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण को गति देने, जलवायु लचीलेपन को बढ़ाने तथा नवाचार आधारित सतत विकास को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। द्वितीय तकनीकी सत्र में डॉ. विनय कुमार पांडेय (ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय), डॉ. आर. पांडिसेल्वम (आईसीएआर-आईएआरआई), डॉ. वात्सल्य श्रीवास्तव (ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी), डॉ. परमिंदर जीत कौर (लाल बहादुर शास्त्री इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट) तथा प्रो. (डॉ.) आनंद वर्धन सहित कई विशेषज्ञों ने अपने विचार प्रस्तुत किए।
उनके व्याख्यानों में सतत खाद्य प्रणाली, जलवायु-स्मार्ट कृषि, ग्रीन हाइड्रोजन, सार्वजनिक नीति, जल संसाधन प्रबंधन तथा पर्यावरणीय स्थिरता के लिए तकनीकी नवाचार जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे। समिट का प्रमुख आकर्षण ग्लोबल एनवायरनमेंट लीडरशिप अवार्ड्स–2026 रहा, जिसके अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास, अनुसंधान, सामुदायिक विकास और जलवायु कार्रवाई के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को सम्मानित किया गया।
पुरस्कार प्राप्त करने वालों में विटान अर्थ फाउंडेशन, युवराज प्रधान, डॉ. लीना सिंह, नेशनल ह्यूमन वेलफेयर काउंसिल, आई.सी. कुमार फाउंडेशन, अनुप मौर्य, इनसाइड एनजीओ एम्पावरमेंट फाउंडेशन, गोवर्धनेश्वर महादेव टेम्पल ट्रस्ट, श्यामेश्वरी माधवी देवी दासी (सपन के सी), डॉ. विशाल चौधरी, डॉ. आर. पांडिसेल्वम, रेनू शर्मा, अविनाश कुमार तथा युवक्षेत्रा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज़ keral शामिल रहे।
इस अवसर पर आयोजकों ने कहा कि पर्यावरणीय स्थिरता केवल एक नीतिगत उद्देश्य नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी हितधारकों से सतत जीवनशैली अपनाने, हरित प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने तथा पर्यावरण-अनुकूल और जलवायु-सुरक्षित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। समिट का समापन पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देने, सतत नवाचार को प्रोत्साहित करने तथा पृथ्वी के संरक्षण हेतु वैश्विक प्रयासों में सक्रिय योगदान देने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
अंत में पूनम गौर, कार्यक्रम निदेशक, ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी मुख्य अतिथियों, विशिष्ट अतिथियों, वक्ताओं, प्रतिनिधियों, पुरस्कार विजेताओं, सहयोगी संस्थाओं एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया और समिट की सफलता में उनके अमूल्य योगदान की सराहना की।
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