गोवा सरकार की तरफ से 88 खदानों के लीज पर जारी किए गए लाइसेंस सुप्रीम कोर्ट ने प्रक्रिया के उल्लंघन के चलते बुधवार को रद्द कर दिया है। इसके साथ ही, कोर्ट ने बोली प्रक्रिया के जरिए नए लाइसेंस जारी करने का आदेश दिया है। जस्टिस मदन बी. लोकुर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि यह लीज जिन्हें दूसरी बार रिन्यू किया गया था वह 15 मार्च तक चलेगा और उसके बाद उसकी वैधता खत्म हो जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा- “खदानों के परमिट को लेकर सरकार की तरफ से रिन्यू करने के लिए अपनायी गई प्रक्रिया कानून का उल्लंघन है।” इसके साथ ही कोर्ट की तरफ से एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) के गठन का भी आदेश दिया गया है जिसमें एक चार्टर्ड एकाउंटेंट को शामिल करने को कहा गया है। ताकि, खदानों के परमिट रिन्यू करने के बाद कंपनी की तरफ से बनाए गए मुनाफे की रिकवरी की जाए।
कोर्ट एक पब्लिक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान यह आदेश दिए जो गोवा फाउंडेशन की तरफ से साल 2015 में दायकर कर खदानों के रिन्यूएल लाइसेंस को रद्द करने की मांग की गई थी।
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