गोदावरी नदी पर दुनिया की सबसे बड़ी लिफ्ट सिंचाई परियोजना बनकर तैयार हो चुकी है। तीन राज्यों के मुख्यमंत्री ने शुक्रवार दोपहर एक साथ इस परियोजना का उद्घाटन किया। इसे कलेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना का नाम दिया गया है। तेलंगाना सरकार ने गोदावरी नदी पर दुनिया की सबसे बड़ी लिफ्ट सिंचाई योजना का निर्माण कराया है। इस परियोजना में 22 पंप हाउस शामिल हैं। इनके जरिए एक दिन में तीन टीएमसी पानी लेने की योजना है।
इस परियोजना के दो महत्वपूर्ण चरण हैं। पहले चरण में मेदिगड्डा, अन्नाराम, सुंडिला पंप हाउस पानी को लिफ्ट करने के लिए आंशिक रूप से तैयार किए गए हैं। दूसरे चरण में दुनिया का सबसे बड़ा भूमिगत पंप हाउस है, जो हर रोज दो टीएमसी पानी पंप करने की क्षमता रखता है। आज आंध्र प्रदेश व तेलंगाना के गवर्नर नरसिंहम गुरु, तेलंगान के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में इस परियोजना का उद्घाटन किया गया।
उद्घाटन समारोह में पहुंचे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि कलेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना महाराष्ट्र की जनता द्वारा तेलंगाना की जनता को दिया गया एक उपहार है। तेलंगाना सरकार ने रिकॉर्ड समय में इसका निर्माण कार्य पूरा कराया है। ये परियोजना तेलंगाना राज्य के लिए बड़ी कामयाबी है। दुनिया की इस सबसे बड़ी सिंचाई परियोजना को मात्र 24 माह में पूरा किया गया है। इस परियोजना के तहत गोदावरी नदी के पानी को पहले ही मेदिगड्डा पंप हाउस तक पहुँचाया जा चुका है। मोटरों का स्विच ऑन करने पर पानी फिर से गोदावरी नदी में पहुंचाया जा सकता है, जो डिलीवरी सीटर (भूमिगत पाइप) से होते हुए ऊपरी धारा पर स्थित अन्नाराम बैराज तक पहुँचता है।
परियोजना के निर्णाण में लगी एक प्रमुख कंपनी MEIL के अनुसार, “अभी तक पूरी दुनिया में इस तरह की विशाल लिफ्ट परियोजना का निर्माण नहीं हो सका है। यह पूरी दुनिया में अव्वल और सबसे विशाल लिफ्ट परियोजना है। इस परियोजना में हर रोज 3 टीएमसी पानी पंप करने के लिए 7152 मेगावाट बिजली की दरकार होगी। पहले चरण के तौर पर 4992 मेगावाट बिजली का इस्तेमाल 2 टीएमसी पानी पंप करने के लिए किया जा रहा है। बिजली की बुनियादी जरूरतों के लिहाज से सभी काम पूरे हो चुके हैं। पम्पिंग घरों से जुड़े सिविल कार्य को रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया।”
फिलहाल अमेरिका की कोलोराडो लिफ्ट योजना, मिस्र की मानव निर्मित नदी पर बनी योजना को दुनिया की सबसे बड़ी सिंचाई योजना माना जाता है। इन योजनाओं की क्षमता अश्वशक्ति में है और उन्हें पूरा होने में करीब तीन दशक लगे थे। वर्ष 2000 से तेलुगु राज्यों में बड़े पैमाने पर लिफ्ट परियोजनाएँ शुरू हुईं। इनमें से हंड्री-नीवा, देवडुला, कलवाकुर्थी, नेटटम्पाडु, पट्टिसेमा, पुरुषोत्तमपुरम आदि प्रमुख हैं। गुजरात और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों ने भी लिफ्ट योजनाएं शुरू की हैं। अब तक, भारी मशीनरी का उपयोग केवल कलवाकुर्ती लिफ्ट योजना के लिए ही किया जाता है, लेकिन इसकी अधिकतम क्षमता 40 मेगावाट तक ही है।
कर्ण गोष्ठी कल्याण समिति, नोएडा द्वारा बीते रविवार को एक निःशुल्क ऑनलाइन वेबिनार का सफ ..Read More
ब्लू स्टार लिमिटेड ने 2026 की गर्मी के लिए अपने नए रूम एयर कंडीशनर्स की रेंज लॉन्च करन ..Read More
कुलवंत कौर के साथ बंसी लाल की रिपोर्ट। जयपुर की गुलाबी गलियों में इस बार केवल रंग ही न ..Read More
कुलवंत कौर के साथ बंसी लाल की रिपोर्ट। जयपुर की शाम उस दिन कुछ अलग थी। गुलाबी शहर में ..Read More
निशा सूरी की रिपोर्ट। भारत की तेजी से बढ़ती फूडसर्विस सॉल्यूशंस कंपनी अर्थलिंग ने हाल ..Read More
कुलवंत कौर के साथ बंसी लाल की रिपोर्ट। भारत की सबसे बड़ी एफ़ एम सी जी कंपनियों में ..Read More
कुलवंत कौर के साथ बंसी लाल की रिपोर्ट। भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय (एमओटी) और मास्टर ..Read More
कुलवंत कौर के साथ बंसी लाल की रिपोर्ट। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्र ..Read More
कुलवंत कौर के साथ बंसी लाल की रिपोर्ट। एक चौंकाने वाला नया स्वास्थ्य संकट उभर रहा ..Read More