संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुतारेस ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि कश्मीर एक द्विपक्षीय मुद्दा है, 1972 के शिमला समझौते के तहत इसमें कोई तीसरा पक्ष मध्यस्थता नहीं कर सकता। गुतारेस का यह बयान पाकिस्तान द्वारा उनसे कश्मीर मामले पर उचित भूमिका निभाने की अपील के जवाब के रूप में आया है। गुतारेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने एक नियमित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि महासचिव जम्मू कश्मीर में स्थिति पर गंभीरता से नजर रख रहे हैं और उन्होंने इस पर अधिकतम संयम बरतने की अपील की है।
महासचिव ने शिमला समझौते को भी याद दिलाया जिसमें कहा गया है कि जम्मू कश्मीर की अंतिम स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के अनुसार शांतिपूर्ण तरीकों से निर्णय लिया जाएगा। महासचिव ने कश्मीर पर भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की कोई पेशकश नहीं दी। इसके बजाय उन्होंने शिमला समझौते का हवाला दिया। यह पूछे जाने पर कि क्या महासचिव की योजना कश्मीर मुद्दे को सुरक्षा परिषद में उठाने की है? दुजारिक ने ऐसी कोई जानकारी होने से इनकार किया।
साथ ही बताया कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री से मिले पत्र को उनके अनुरोध पर सुरक्षा परिषद के पास भेज दिया गया है। यह पूछने पर कि क्या महासचिव को लगता है कि कश्मीर में स्थिति पर किसी विशेष दूत के जरिए करीबी नजर रखने की जरूरत है? दुजारिक ने कहा, ‘महासचिव स्थिति पर करीबी नजर रख रहे हैं।
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में छात्राओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय सुनिश्चित करने क ..Read More
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हाल ही में हुए दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में भा ..Read More
सुपरिचित साहित्यकार डॉ. ओम प्रकाश झा ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय द्वारा लिखित &ls ..Read More
अगस्त का महीना भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की अमर गाथाओं का स्मरण कराता है। 9 अगस्त को 'भ ..Read More
कर्ण गोष्ठी कल्याण समिति नोएडा द्वारा कार्यकारिणी सदस्यों का बैठक इंदिरापुरम स्थित सें ..Read More
दिल्ली विश्वविद्यालय में नए शैक्षणिक सत्र के प्रथम दिन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अ ..Read More
कर्ण गोष्ठी कल्याण समिति नोएडा के तत्वावधान में चिकित्सा सेवा के अंतर्गत हृदय स्वास्थ् ..Read More
प्रभात झा के विचारों ने पीढ़ियों का पथ आलोकित किया। उन्होंने अपने विचार, लेखनी, संगठन ..Read More