राजस्थान के कोटा में फंसे छात्रों को लेकर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दोहराया है कि उत्तर प्रदेश ने जिस तरह से अपने यहां के विद्यार्थियों को वापस बुलाया है, उसी तरह से अन्य राज्यों को भी आगे आना चाहिए। वहीं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि कोटा से विद्यार्थियों को पटना लाए जाने से लॉकडाउन का मजाक उड़ेगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने भी साफ कर दिया है कि लाए जा रहे छात्रों को जांच के बाद होम क्वारंटाइन किया जाएगा।
राजस्थान के कोटा में पढ़ाई कर रहे छात्रों की परेशानी को देखते योगी सरकार उन्हें कोटा से ला रही है। सभी छात्र परिवहन निगम की बसों से लाए जा रहे हैं। यूपी के अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि इन सभी छात्रों की कोरोना टेस्टिंग के साथ ही पूरा स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा रहा है। इसके बाद सभी छात्रों को होम क्वारंटाइन किया जाएगा। कोटा से करीब सौ बसों के जरिए लगभग तीन हजार छात्रों को उप्र के विभिन्न जिलों में लाया गया।
गहलोत बोले, दूसरे राज्य भी छात्रों को वापस बुलाएं
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एकबार फिर कहा है कि उत्तर प्रदेश ने जिस तरह से अपने यहां के विद्यार्थियों को वापस बुलाया है, उसी तरह से अन्य राज्यों को भी आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोटा में कई राज्यों के 15 से 20 वर्ष तक के बच्चे विभिन्न परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए रह रहे हैं।
नीतीश बोले, उड़ेगा लॉकडाउन का मजाक
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कोटा से विद्यार्थियों को पटना लाए जाने के प्रकरण पर कहा है कि ऐसा करने से लॉकडाउन का मजाक उड़ेगा। कुछ लोग नहीं माने और यहां आ गए। उन्हें सीमा पर नहीं रखा गया बल्कि, जांच के बाद घर भिजवाने की व्यवस्था की गई है। अब कोई कहे कि कोटा में जो लोग हैं, उन्हें फिर बुला लिया जाए या फिर देश के कोने-कोने में जो लोग फंसे हैं, उनकी बात मानकर उन्हें यहां बुलाने लगे, तो इससे लॉकडाउन का मजाक ही उड़ेगा।
प्रयागराज लाए गए विद्यार्थी किए गए क्वारंटाइन
शनिवार रात प्रयागराज पहुंची बसों में आए विद्यार्थियों को अलग-अलग गेस्ट हाउस में क्वारंटाइन किया गया है। सीएमओ डॉ. जीएस बाजपेई ने कहा कि सभी छात्र-छात्राओं को घर भेजने से पहले उनका रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट कराया जाएगा। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक 317 विद्यार्थियों को रात 10 बजे तक लाया गया था।
झांसी में जांच के बाद रवाना की गई बसें
बसों द्वारा कोटा से लाए गए विद्यार्थियों का पहले पड़ाव झांसी पहुंचने से पूर्व प्रशासन द्वारा निर्धारित चार जांच केंद्रों पर स्क्रीनिंग व स्वास्थ्य जांच की गई। 105 से अधिक बसों से झांसी, गोरखपुर-बस्ती मंडल व प्रयागराज व अन्य जिलों के लगभग 2700 छात्र-छात्राएं शनिवार को झाँसी पहुंचे थे। जांच के बाद झांसी के 120 से अधिक विद्यार्थियों को पैरामेडिकल कालेज में क्वारंटाइन कर दिया गया। जबकि अन्य बसों को प्रयागराज, गोरखपुर, वाराणसी व अन्य गंतव्य के लिए रवाना करने का कार्य देर रात तक जारी रहा।
बसों में शारीरिक दूरी का रखा गया ध्यान
प्रत्येक बस में करीब 30 विद्यार्थियों के बैठने का प्रबंध किया गया था। शारीरिक दूरी को ध्यान में रखते हुए एक सीट पर एक ही विद्यार्थी को बैठाया गया। इससे पहले शुक्रवार देर रात को भी उत्तर प्रदेश की बसें कोटा से विद्यार्थियों को लेकर रवाना हुई थीं। करीब एक हजार विद्यार्थी अभी कोटा में और फंसे हुए हैं, जिन्हें रविवार को ले जाया जा सकता है। उन्हें बसों में बैठाने से पहले सैनेटाइजर, मास्क, पानी की बोतल और भोजन के पैकेट दिए गए। उन्हें समझाया गया कि रास्ते में किन-किन बातों का ध्यान रखना है। प्रत्येक बस में दो डॉक्टर और दो पुलिसकर्मी भेजे गए।
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