भाजपा ने कहा कि बंगाल में सत्ता में आने पर वह बांग्ला को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देगी। इसके तहत भाजपा ने बंगाल विधानसभा चुनावों में पार्टी के 88 पन्नों के चुनावी घोषणापत्र में इसका दावा किया है। शास्त्रीय भाषा ऐसी भाषा होती है जिनका कम से कम 1500-2000 वर्ष पुराना इतिहास हो, साहित्य/ग्रंथों व वक्ताओं की प्राचीन परंपरा हो और साहित्यिक परंपरा का उद्भव दूसरी भाषाओं से न हुआ हो। दरअसल, तृणमूल, वाममोर्चा और कांग्रेस लंबे समय से 'बांग्ला और बांग्ला विरोधी' के बैनर तले भाजपा के खिलाफ प्रचार कर रहे हैं।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों के एक वर्ग के अनुसार, भाजपा इसका मुकाबला करने के लिए बांग्ला को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने के वादे के साथ चुनाव में उतरना चाहती है। इससे पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार से मांग की थी कि बांग्ला को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया जाए। लेकिन केंद्र ने अभी तक उस मांग पर विचार नहीं किया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार घोषणापत्र के मसौदे में कृषि, उद्योग, रोजगार, अर्थव्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून और व्यवस्था सहित कई क्षेत्रों में सुधार का वादा किया गया है। हालांकि उद्योग के लिए जमीन लेने की अपनी नीति में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच कोई बड़ा अंतर नहीं है।
शिक्षा जगत, थिंक टैंक, उद्योग और सरकार के बीच सशक्त साझेदारी की आवश्यकता पर बल देते हु ..Read More
फोरम ऑफ एकेडेमिक्स फॉर सोशल जस्टिस ( शिक्षक संगठन ) के तत्वावधान में दिल्ली विश्वविद्य ..Read More
अभाविप नीत दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) और अधिवक्ता परिषद दिल्ली प्रांत के संय ..Read More
‘त्रिकाल संध्या’ पुस्तक भवानी प्रसाद मिश्र का एक ऐतिहासिक कविता संग्रह है, ..Read More
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय ने कल परास्नातक प्रवेश परीक्षा की मेरिट लिस्ट निकाली जिसम ..Read More
दिल्ली विश्वविद्यालय में आगामी शैक्षणिक सत्र के लिए स्नातक प्रवेश प्रक्रिया का आरंभ चु ..Read More
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के पावन अवसर पर आनंदमय भारती फाउंडेशन एवं मात्यम फाउंडेशन ..Read More
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा गोल मार्केट स्थित अपने ..Read More
राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहो ..Read More