कुलवंत कौर के साथ बंसी लाल की रिपोर्ट। संविधान निर्माता भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 132वी जयंती बड़े ही हर्षोल्लास के साथ राजस्थान के सीकर जिले के ग्राम लिखमा का बास में मनाई गई और भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। अंबेडकर यूथ क्लब(लिखमाकाबास) के अध्यक्ष प्रमोद चाहिल ने बताया कि शोभा यात्रा में सैकड़ों की संख्या में मातृशक्ति, युवा साथी बड़े बुजुर्ग, बच्चों ने हिस्सा लिया। रैली के समापन के बाद सभा का आयोजन किया गया। सभा के दौरान सभी वक्ताओं ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन पर प्रकाश डालते हुए सभी को उनके आदर्शों पर चलने का आग्रह किया। आज के समय में शिक्षित होकर समाज की रीढ़ बनकर इस समाज को एक अग्रिम पंक्ति में खड़ा करके सभी समाज को हमें यह संदेश देना होगा कि शिक्षा के बिना कुछ भी संभव नहीं है।
प्रमोद चाहिल ने बताया कि बाबा साहब ने कहा था कि शिक्षा वह शेरनी का दूध है जो जितना पीयेगा, वह उतना ही दहाड़ेगा। इसीलिए शिक्षा रूपी शेरनी का दूध पिलाकर आज अपने बच्चों को ज्यादा से ज्यादा शिक्षित किया जाए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कानाराम वर्मा ने की। मुख्य अतिथि के तौर पर माननीय प्रिंसिपल प्रकाश नारायण वर्मा, शिक्षाविद् नरशा राम गोरा, शिक्षाविद् नेमीचंद व्याख्याता एवं राजकुमार व्याख्याता रहे। अतिथियों को भीम दुपट्टा एवं मोमेंटो देकर स्वागत किया गया। मंच संचालक अध्यापक किशोर चाहिल ने किया। अंबेडकर यूथ क्लब(लिखमाकाबास) के अध्यक्ष प्रमोद चाहिल ने बताया कि यूथ क्लब की पूरी टीम ने जो सहयोग किया उसके लिए मैं हृदय से धन्यवाद देता हूँ।
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