यूएई-इंडिया सेपा काउन्सिल (यूआईसीसी) ने इंडियन चैम्बर ऑफ कॉमर्स (आईसीसी) के सहयोग से एक गोलमेज सम्मेलन का आयोजन किया, जिसमें उड़ीसा के तकरीबन 30 कारोबारों ने यूएई-इंडिया कॉम्प्रीहेन्सिव इकोनोमिक पार्टनरशिप एग्रीमेन्ट (सेपा) के फायदों पर चर्चा की। यूएई प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भारत के लिए यूएई के राजदूत महामहिम अब्दुलनास्सेर अल्शाली पीएच.डी. ने किया। इसमें हिस्सा लेने वाले अन्य प्रतिभागियों में शामिल थे- अहमद अलजनेबी, डायरेक्टर-यूआईसीसी, मोहम्मद हसीब, स्ट्रैटेजिक कंट्री मैनेजर- भारत, रास अल खाईमाह इकोनोमिक ज़ोन और योगपाल सिंह, डायरेक्टर, कॉर्पोरेट अफे़यर्स, डीपी वर्ल्ड।
यूएई के लिए उड़ीसा के महत्व पर रोशनी डालते हुए महामहिम डॉ. अलशाली ने कहा, ‘‘उड़ीसा ने यूएई-भारत के बीच द्विपक्षीय साझेदारी को समर्थन प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके उच्चस्तर पर विकसित मिनरल एवं ओद्यौगिक सेक्टर तथा सशक्त मानव पूंजी यूएई के निवेशकों के लिए कारगर साबित हुए हैं। हमें विश्वास है कि आज का आयोजन सेपा हस्ताक्षर के माध्यम से उड़ीसा के कारोबारों को आर्थिक, कारोबार एवं निवेश के ढेरों अवसरों से लाभान्वित करेगा।’’
सभा को सम्बोधित करते हुए श्री अलजनेबी ने उड़ीसा में कुल कारोबार के तीव्र विकास पर रोशनी डाली। ‘‘वित्तीय वर्ष 2023-2024 में यूएई और उड़ीसा के बीच कारोबार 2.63 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया। भारत के 28 राज्यों और 8 केन्द्रशासित प्रदेशों में उड़ीसा यूएई का आठवां सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है। ऐसे में यह ज़रूरी है कि हम कारोबार के इन संबंधों को जारी रखें और एक दूसरे के विकास के लिए नए अवसरों पर काम करते रहें। यूआईसीसी, आईसीसी के साथ साझेदारी में उड़ीसा में कारोबारों को समर्थन प्रदान करने और उनकी इंटरनेशनल कारोबार एवं निवेश की महत्वाकांक्षाओं को हासिल करने में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है।’’
उड़ीसा भारत में स्टील, स्टेनलैस स्टी, फैरोएलॉयज़, एलुमिना और एलुमिनियम का सबसे बड़ा उत्पादक है। राज्य में निकल, बॉक्साईट, आयरन (लौह-अयस्क) और कोयले के बड़े भंडार हैं। हाल ही के वर्षों में यूएई और भारत के बीच निवेश एवं कारोबार साझेदारियों को विकसित करने के लिए रचनात्मक कदम उठाए गए हैं। जून 2022 में, उड़ीसा सरकार और यूएई कंपनियों के बीच 2.76 बिलियन डॉलर के कई समझौता ज्ञापन किए गए हैं। सबसे उल्लेखनीय है, कि लुलु ग्रुप ने राज्य में हाइपरमार्केट्स, शॉपिंग मॉल्स और कृषि एवं सीफूड प्रोसेसिंगह ब्स की स्थापना के अवसरों के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की।
यूएई और भारत के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत बनाने में सेपा की भूमिका के चलते वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान दोनों देशों के बीच 83.64 बिलियन का कारोबार हुआ। सेपा का महत्व विशेष सेक्टरों जैसे रत्न एवं आभूषण, दवाएं एवं फार्मास्युटिकल्स, फल एवं सब्ज़ियों में कारोबार के विकास से स्पष्ट होता है जिनमें वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान क्रमशः 64 फीसदी, 39 फीसदी और 35 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। यूएई भारत का दूसरा सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य, तीसरा सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर और चौथा सबसे बड़ा निवेशक है।
2024 में स्थापित यूआईसीसी ने सेपा हस्ताक्षर द्वारा उत्पन्न अवसरों का लाभ उठाने में मुख्य भूमिका निभाई है। सेपा के प्रभावों ने कई बिलियन डॉलर के निवेश को बढ़ावा देकर कई उद्योगों को गति प्रदान की है। सेपा न सिर्फ कारोबारों के लिए बाज़ार को सुलभ बनाया है बल्कि उनकी बाधाओं को दूर कर निवेश एवं माल के आदान-प्रदान के द्वारा यूएई एवं भारत के बीच कई आर्थिक साझेदारियों को भी प्रोत्साहित किया है। यूआईसीसी यूएई एवं भारतीय कारोबारों के बीच कारोबार संबंधों, खुली चर्चा, आपसी सहयोग को बढ़ावा देकर उनके विकास एवं समृद्धि के लिए समर्पित है।
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