इस्कॉन बैंगलोर के सौजन्य से संचालित सामाजिक संस्था अक्षय पात्र फाउंडेशन ने जम्मू-कश्मीर में पीडि़त परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए शनिवार को गौरव हमारा पोषण किट वितरण का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री संजय शर्मा द्वारा किया गया। पहले दिन जम्मू जिले के समवर्न ब्लॉक के पल्लनवाला सेक्टर में 280 परिवारों को गौरव हमारा पोषण किट दिया गया। इस दौरान अक्षय पात्र फाउंडेशन के दिल्ली के ऑपरेशन हेड बलवीर सिंह राठौर मौजूद रहे।
कैबिनेट मंत्री सतीश शर्मा ने कहा कि अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा बहुत ही सराहनीय कार्य किया जा रहा हैं जो बॉर्डर के सीमावर्ती गांव में गरीबी रेखा से नीचे के लोगों की मदद के लिए आगे आए और पोषणयुक्त राशन किट का वितरण कर लोगों के जीवन सुचारू रूप से चले इस सोच के साथ समाज व देश सेवा का कार्य किया है। इस सराहनीय कार्य के लिए अक्षय पात्र फाउंडेशन संस्था का धन्यवाद करता हूं। विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर के अध्यक्ष गोविंद दत्ता प्रभु जी का आभार प्रकट करता हूं, जिन्होंने मेरे निवेदन को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि मैं भरोसा दिलाता हूं कि जम्मू कश्मीर में अक्षय पात्र फाउंडेशन के केंदीय रसोई घर जल्द से जल्द शुरू करने में सरकार का सहयोग दिलाने का प्रयास करुंगा।
गौरतलब है कि देश में आपदा के समय अक्षय पात्र फाउंडेशन हमेशा पीडि़तों के साथ खड़ी रहती है। संस्था ने कोरोना काल के दौरान जम्मू-कश्मीर सहित देशभर में 23 करोड़ लोगों में राशन किट वितरित की। अक्षय पात्र फाउंडेशन एक गैर-लाभकारी संगठन है जिसका मुख्यालय भारत के बेंगलुरु में है, जो देश में भूख और कुपोषण जैसी समस्याओं को दूर करने का प्रयास करता है। सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में मिड-डे मील योजना को लागू करके, अक्षय पात्र का उद्देश्य भूख से लड़ना और साथ ही बच्चों को स्कूल लाना है।
वर्ष 2000 से अक्षय पात्र ने प्रत्येक स्कूली दिन में अधिकाधिक बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया है। फाउंडेशन लाखों बच्चों की जरूरतों को पूरा करने के लिए लगातार प्रौद्योगिकी का लाभ उठा रहा है। इसकी अत्याधुनिक रसोई अध्ययन का विषय बन गई है और दुनिया भर से उत्सुक आगंतुकों को आकर्षित करती है। भारत सरकार और विभिन्न राज्य सरकारों के साथ साझेदारी में, तथा अनेक परोपकारी दान दाताओं और शुभचिंतकों के अमूल्य सहयोग से, अक्षय पात्र ने 25 वर्ष पूर्व स्कूलों में मात्र 1,500 स्कूली बच्चों को भोजन उपलब्ध कराने के साथ अपनी शुरुआत की है।
आज, यह दुनिया का सबसे बड़ा (गैर-लाभकारी) मध्याह्न भोजन कार्यक्रम है, जो भारत के 17 राज्यों के 24,000 से अधिक स्कूलों के 23 लाख से अधिक बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराता है। जम्मू-कश्मीर में दो केंदीय रसोई घर जम्मू व कटरा में बनाने के लिए संस्था प्रयासरत हैं जिनकी क्षमता लगभग 30 हज़ार बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन बनाया जाएगा।
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