कुलवंत कौर के साथ बंसी लाल की रिपोर्ट। उत्तर भारत के सबसे भव्य और महाशिवरात्रि आयोजनों में से एक, शिव आनंदम 3.0 - टेक्नो-कल्चरल नाइट, का आयोजन 14 फरवरी 2026, सायं 5:00 बजे से 10:00 बजे तक, भारत के प्रमुख सांस्कृतिक प्रतीक भारत मंडपम, नई दिल्ली में किया जाएगा। दिव्य गुरु आशुतोष जी महाराज की संस्था दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की कॉर्पोरेट वर्कशॉप विंग पीस प्रोग्राम (PEACE PROGRAM) द्वारा आयोजित, शिव आनंदम 3.0 केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आधुनिक भारत के लिए महाशिवरात्रि की पुनर्व्याख्या है। यह आयोजन भक्ति, दर्शन, अत्याधुनिक तकनीक, फिटनेस, संगीत और इंटरएक्टिव सहभागिता को सनातन संस्कृति की शाश्वत चेतना के साथ एकीकृत करता है। कार्यक्रम की शुरुआत महादेव का महाभिषेक नामक एक गहन आध्यात्मिक आवाहन से होगी, जिसमें पहली बार 9 फीट ऊँचा एलईडी डिजिटल शिवलिंग प्रस्तुत किया जाएगा। हाई डेफिनिशन प्रोजेक्शन मैपिंग के माध्यम से श्रद्धालु शिवलिंग पर ही 12 ज्योतिर्लिंगों के दिव्य दर्शन कर सकेंगे। विशेष रूप से विकसित डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए सभी प्रतिभागी सामूहिक रूप से पूजन में सम्मिलित होंगे, जिसे वैदिक मंत्रोच्चार और शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुतियाँ आध्यात्मिक ऊँचाई प्रदान करेंगी।
भक्ति और मनोरंजन के अनूठे संगम के रूप में महादेव-थीम आधारित भजन क्लबिंग और भक्तिमय अंताक्षरी दर्शकों को ऊर्जावान बनाएगी। भगवान शिव के पावन नामों पर आधारित यह इंटरएक्टिव संगीतमय अनुभव ड्रोन के माध्यम से पुष्पवर्षा के साथ अपने चरम पर पहुँचेगा, जो तकनीक और भक्ति के सुंदर समन्वय का प्रतीक होगा। वैलेंटाइन डे के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम आधुनिक आकर्षणों और महादेव के शाश्वत, निस्वार्थ प्रेम के बीच एक विचारोत्तेजक संवाद प्रस्तुत करेगा। कॉर्पोरेट लर्निंग से प्रेरित आसान और रोचक गतिविधियों व खेलों के ज़रिये प्रतिभागी शिव दर्शन के जीवन मूल्यों से जुड़ेंगे। अध्यात्म और फिटनेस के अद्वितीय संगम के रूप में आदि योगी का शौर्य योग पूरे परिसर को लय और ऊर्जा से भर देगा। महादेव के तांडव से प्रेरित इस उच्च ऊर्जा म्यूजिकल एरोबिक्स सत्र में कलारीपयट्टू, शाओलिन तकनीकों और त्रिशूल-प्रेरित गतियों के तत्व शामिल होंगे, जो शक्ति, संतुलन और आंतरिक अनुशासन की सामूहिक अभिव्यक्ति बनेंगे।
कार्यक्रम का एक प्रमुख दृश्य आकर्षण विश्वनाथ का विश्वरूप होगा -एक दिव्य रैंप प्रस्तुति, जो भगवान शिव को वैश्विक चेतना के रूप में दर्शाएगी। डांस पैटर्न और सिंबॉलिक फॉर्मेशन के माध्यम से तिब्बत के अवलोकितेश्वर, जापान के दाइकोकुटेन, इंडोनेशिया के बतारा गुरु और नेपाल के पशुपतिनाथ जैसे वैश्विक स्वरूपों का दर्शन कराया जाएगा, जो शिव की सार्वभौमिक उपस्थिति को रेखांकित करेगा। विज्ञान और अध्यात्म के सेतु के रूप में, कार्यक्रम में महादेव के तृतीय नेत्र की अवधारणा को शाश्वत ध्यान और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझाया जाएगा। साथ ही अमरनाथ, कैलाश और केदारनाथ जैसे पावन तीर्थों की एक सिनेमाई यात्रा दर्शकों को उनके गहन प्रतीकात्मक और आध्यात्मिक अर्थों से परिचित कराएगी।
समारोह का समापन महादेव के नाम सुरमयी शाम से होगा-एक भावपूर्ण संगीतमय प्रस्तुति, जिसमें शिव भक्तों की कालजयी कथाएँ सुनाई जाएँगी। इसके पश्चात शुद्ध भस्म से सम्पन्न दुर्लभ और पावन भस्म होली, एक ऊर्जावान जैम सेशन के साथ, इस सामूहिक अनुभव को दिव्य ऊँचाई पर पहुँचाएगी। आयोजन स्थल पर एआई और एआर फोटो बूथ, एनामॉर्फिक इंस्टॉलेशन्स और इंटरएक्टिव डिजिटल ज़ोन "डिजिटल पिकनिक” के रूप में अनुभव को और भी समृद्ध करेंगे। इस भव्य आयोजन में देशभर से राजनीतिक गणमान्य व्यक्ति, राष्ट्रीय प्रवक्ता और प्रतिष्ठित सांस्कृतिक हस्तियाँ शामिल होंगी, जो इसके सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व को और सुदृढ़ करेंगी।
पीस प्रोग्राम की प्रिंसिपल कोऑर्डिनेटर साध्वी तपेश्वरी भारती जी ने कहा, “महाशिवरात्रि केवल एक अनुष्ठानिक रात्रि नहीं है, बल्कि यह आत्म जागरण, संतुलन और सचेत जीवन की प्रेरणा है। शिव आनंदम 3.0 के माध्यम से हमारा प्रयास है कि महादेव के शाश्वत ज्ञान को आज की पीढ़ी की भाषा-तकनीक, सहभागिता और अनुभव- के माध्यम से प्रस्तुत किया जाए, ताकि शिव केवल पूजित ही नहीं, बल्कि अनुभूत भी हों।"
इस सोच को आगे बढ़ाते हुए, सह-संयोजिका साध्वी निधि भारती जी ने कहा: "यह मंच अध्यात्म को ऐसा बनाना चाहता है जिसे लोग महसूस कर सकें, उसमें भाग ले सकें और जो आज के समय से जुड़ा हो। शिव आनंदम 3.0 दिखाता है कि हमारे प्राचीन सनातन मूल्य आज के जीवन में भी कैसे रास्ता दिखा सकते हैं- चाहे वह सेहत हो, रिश्ते हों, विज्ञान हो या पूरी दुनिया में आपसी सद्भाव-और वह भी अपनी पवित्रता बनाए रखते हुए।"
अपने नवाचार, अवधारणा और प्रस्तुति के साथ, शिव आनंदम 3.0 आधुनिक भारत में महाशिवरात्रि उत्सव की एक नई परिभाषा स्थापित करने जा रहा है।
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