गाजियाबाद से मुकुल कुमार की रिपोर्ट। अक्षय पात्र फाउंडेशन पूरे विश्व में बच्चों को मध्यान भोजन देने के लिए काम करने वाली सबसे बड़ी संस्था है। भारत में 6६ रसोईघर के माध्यम से करीब 21 लाख बच्चों को प्रतिदिन गरम पौष्टिक एवं स्वादिष्ट भोजन दिया जाता है। मोदीनगर में एक लाख बच्चों को प्रतिदिन स्कूल में मध्यायन भोजन देने के लिए अक्षय पात्र के किचन का निर्माण किया जाना है। अक्षय पात्र फाउंडेशन ने गाजिय़ाबाद, उत्तर प्रदेश में समाजसेवी आदिश जैन और आशा जैन से सहयोग से अपने आगामी केन्द्रीकृत मध्याह्न भोजन रसोईघर की सोमवार को आधारशिला रखी जाएगी। इस अवसर पर भारत सरकार के नागरिक उड्डयन एवं सडक़ परिवहन राजमार्ग राज्यमंत्री, सेवानिवृत्त जनरल (डॉ.) विजय कुमार सिंह उपस्थित रहेंगे।
यह नया रसोईघर 2.5 एकड़ भूमि पर बन रहा है और चालू होने के बाद क्षेत्र के 524 सरकारी एवं सरकार से सहायता-प्राप्त स्कूलों के 1 लाख से ज्यादा बच्चों को स्वास्थ्यकर, पौष्टिक और स्वादिष्ट मध्याह्न भोजन परोसेगा। यह केन्द्रीकृत इकाई दिसंबर 2024 तक चालू होने की उम्मीद है। यह अत्याधुनिक बुनियादी सुविधाओं से सुसज्जित होगी और आरोग्य तथा सुरक्षा के उच्चतम मानकों का पालन करेगी। गाजिय़ाबाद का रसोईघर उत्तर प्रदेश में फाउंडेशन का पाँचवा रसोईघर होगा।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार में आधारभूत शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह, सामाजिक कल्याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरूण, पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप, राज्यसभा सांसद कांता कर्दम, उत्तर प्रदेश की बागपत से लोकसभा सांसद सत्यपाल सिंह, मोदीनगर, गाजिय़ाबाद की विधायक डॉ. मंजू शिवाच, लोनी विधायक नंद किशोर गुर्जर, मुरादनगर विधायक अजीत पाल त्यागी, साहिबाबाद विधायक सुनील शर्मा, गाजिय़ाबाद के विधायक अतुल गर्ग, मेरठ ग्रेजुएशन सीट के एमएलसी दिनेश गोयल और गाजिय़ाबाद के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट राकेश कुमार सिंह (आईएएस) भी उपस्थित रहेंगेे। समारोह की अध्यक्षता अक्षय पात्र फाउंडेशन के वाइस-चेयरमैन चंचलापति दासा करेंगे।
बता दें, 2000 में बेंगलुरु से इस किचन की शुरुआत हुई। जब पंद्रह सौ बच्चों को यह भोजन उपलब्ध किया जाना सुनिश्चित किया गया था। तब से भारत के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इस किचन के माध्यम से बच्चों को भोजन मिलता है। उन्होंने कहा कि फांउडेशन की मंशा है कि भोजन के बिना किसी भी बच्चे की शिक्षा में रूकावट नहीं आए। अनलिमिटेड फूड फॉर एजुकेशन इसी उद्देश्य के साथ अक्षय पात्र फाउंडेशन काम करता है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के समय पूरे भारतवर्ष में 20 करोड़ से ज्यादा लोगों को भोजन उपलब्ध करवाया गया था। दिल्ली एनसीआर में भी लाखों लोग इससे लाभान्वित हुए। अभी भी विश्व में होने वाले आपदा में अक्षय पात्र फाउंडेशन भोजन उपलब्ध करवाने में सर्वप्रथम उपस्थित रहता है। संस्था राजधानी दिल्ली में चार किचन संचालित करता है। आने वाले दिनों में इस लिस्ट में दो और किचन जुड़ जाएंगे।
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