अक्षय पात्र फाउंडेशन ने शिक्षा और पोषण के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण पहल करते हुए सोमवार को पटना जिले के नौबतपुर प्रखंड अंतर्गत गोपालपुर टाड में अपने नवीन केंद्रीयकृत मध्याह्न भोजन रसोईघर के निर्माण के लिए भूमि पूजन समारोह का आयोजन किया। इस दौरान हवन-पूजन कर रसोईघर बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई। यह रसोईघर प्रधानमंत्री पोषण योजनाके अंतर्गत बिहार सरकार के सहयोग से निर्मित किया जाएगा। प्रारंभिक चरण में इस अत्याधुनिक रसोईघर से प्रतिदिन 240 स्कूलों के 40 हजार बच्चों को स्वच्छ, गर्म और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। जिसे आगे बढ़ाकर एक लाख से अधिक बच्चों तक विस्तारित करने की योजना है। इस पहल का उद्देश्य विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाना, उनके पोषण स्तर को सुदृढ़ करना और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अक्षय पात्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं न्यासी भरतर्षभा दास ने की
कार्यक्रम की अध्यक्षता अक्षय पात्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं न्यासी भरतर्षभा दास ने की। उन्होंने कहा कि यह रसोईघर न केवल भोजन उपलब्ध कराएगा, बल्कि बच्चों के समग्र विकास में भी सहायक सिद्ध होगा। इस रसोई के माध्यम से प्रतिदिन हज़ारों बच्चों तक पौष्टिक भोजन पहुंचाया जाएगा, जिसमें आधुनिक तकनीक, स्वच्छता और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पहल राज्य में न केवल शिक्षा और स्वास्थ्य को बढ़ावा देगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी प्रदान करेगी। बच्चों की विद्यालय में उपस्थिति बढ़ेगी, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
इस कार्यक्रम में कई गणमान्य मौजूद थे
इस कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी अमृत कुमार प्रखंडशिक्षा पदाधिकारी शैल सिन्हा चिरौरा पंचायत के मुख्य अभिषेक कुमार पंचायत समिति सदस्य झूलन सिंह समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। समाजसेवी दंपति रेनू एवं निलेंदु श्रीवास्तव, रेनू एवं केदार गुप्ता और महेशकुमार नवानी ने भी इस परियोजना में संरक्षकों (पैट्रन्स) की भूमिका निभाई। बिहार में अक्षय पात्र को लाने में यहां के डिविजन हेड रसराज दास की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है।
अक्षय पात्र फाउंडेशन के बारे में
अक्षय पात्र फाउंडेशन एक अग्रणी गैर-लाभकारी संस्था है, जो भारत सरकार की प्रधानमंत्री पोषण योजना (PM POSHAN) के अंतर्गत देश भर के सरकारी विद्यालयों के बच्चों को स्वच्छ, गुणवत्तापूर्ण और पौष्टिक मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराती है। वर्ष 2000 में बेंगलुरु से आरंभ हुई। इसके संस्थापक-चेयरमैन मधु पंडित दास हैं। यह संस्था आज 16 राज्यों और तीन केंद्रशासित प्रदेशों के 24 हजार से अधिक विद्यालयों में प्रतिदिन 23 लाख से अधिक बच्चों को भोजन प्रदान कर रही है। संस्था अबतक चार अरब से अधिक भोजन परोस चुकी है। इसका जश्न संयुक्त राष्ट्र संघ में पिछले साल मनाया गया। संस्था की अत्याधुनिक रसोईयां गुणवत्ता, तकनीक और स्वच्छता के मानकों पर वैश्विक उदाहरण बन चुकी हैं।
अक्षय पात्र की रसोई सिर्फ रोटियां नहीं सेंकती, ये तकनीकी सोच की प्रयोगशाला भी है
आपको बता दें कि अक्षय पात्र की रसोई सिर्फ रोटियां नहीं सेंकती, ये तकनीकी सोच की प्रयोगशाला भी है। इनकी 78 केंद्रीकृत रसोई की आधुनिक मशीनों से प्रति घंटे हजारों रोटियां बनती हैं और खाना चार घंटे में लाखों बच्चों तक पहुंच जाता है। खाना सिर्फ समय पर पहुंचे, इतना ही नहीं वो गर्म, पौष्टिक और सुरक्षित हो इसके लिए जीपीएस से लैस वाहन, ईआरएस सिस्टम और डिजिटल थर्मामीटर जैसी तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। कोरोना महामारी के दौरान भी फाउंडेशन ने देशभर में 23 करोड़ से अधिक लोगों तक राशन किट और भोजन पहुंचाकर राहत कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
अगस्त का महीना भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की अमर गाथाओं का स्मरण कराता है। 9 अगस्त को 'भ ..Read More
कर्ण गोष्ठी कल्याण समिति नोएडा द्वारा कार्यकारिणी सदस्यों का बैठक इंदिरापुरम स्थित सें ..Read More
दिल्ली विश्वविद्यालय में नए शैक्षणिक सत्र के प्रथम दिन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अ ..Read More
कर्ण गोष्ठी कल्याण समिति नोएडा के तत्वावधान में चिकित्सा सेवा के अंतर्गत हृदय स्वास्थ् ..Read More
प्रभात झा के विचारों ने पीढ़ियों का पथ आलोकित किया। उन्होंने अपने विचार, लेखनी, संगठन ..Read More
अपने पूजनीय दादा राजेंद्र प्रशाद मिश्रा पूर्व (रिट) (आईपीएस)बिहार पुलिस केडर,मशहूर फुट ..Read More
ऑल कायस्थ नामक राष्ट्रीय संस्था की आम बैठक रविवार को रांची के बरियातू स्थित बारात घर म ..Read More
भारत के सबसे बड़े वैश्विक वस्त्र आयोजन भारत टेक्स 2026 की पूर्व संध्या पर देश का संपूर ..Read More