कर्नाटक में कांग्रेस सरकार बनाएगी। शनिवार को आए विधानसभा चुनाव के नतीजों में पार्टी ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया। हालांकि शनिवार दोपहर 12 बजे से पहले रुझानों में ही साफ हो गया था कि कांग्रेस जीत रही है। 12 बजे कर्नाटक कांग्रेस चीफ डीके शिवकुमार घर की बालकनी पर आए, कांग्रेस का झंडा फहराया और कार्यकर्ताओं के सामने हाथ जोड़े। मीडिया के बीच पहुंचे तो भावुक हो उठे। कहा- जेल में सोनिया गांधी मिलने आई थीं, उनसे मैंने जीत का वादा किया था।
एक बजे के आसपास भाजपा ने हार मान ली। मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई सामने आए और कहा- नतीजों का एनालिसिस करेंगे, पार्टी लोकसभा चुनाव में दमदार वापसी करेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शाम 5.19 मिनट पर कांग्रेस को जीत की बधाई दी। समर्थन करने वालों का शुक्रिया किया। दोपहर 2:30 बजे राहुल गांधी दिल्ली में मीडिया के सामने आए। 6 बार मीडिया से नमस्ते कहा और 2 मिनट का वक्त मांगा। फिर बोले- हमने नफरत से लड़ाई नहीं लड़ी। कर्नाटक ने दिखा दिया कि देश को मोहब्बत पसंद है।
CM बोम्मई के 11 मंत्री जीते, 11 हारे... सीएम पद के तीनों चेहरों को मिली जीत
इस चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के कई बड़े चेहरों का राजनीतिक भविष्य दांव पर लगा था। कांग्रेस के सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार, भाजपा के बसवराज बोम्मई प्रमुख फेस थे। ये तीनों चुनाव जीत गए। लेकिन बोम्मई और उनके 11 मंत्री जीते, 11 मंत्री हार गए। कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए भी यह बेहद अहम चुनाव था। एकतरफा जीत से पार्टी में उनका कद बढ़ेगा।
प्रियंका हनुमान मंदिर में पूजा करने पहुंचीं, भाजपा दफ्तर में निकला सांप
काउंटिंग के बाद जब कांग्रेस की जीत के रूझान आने लगे तो प्रियंका गांधी शिमला के हनुमान मंदिर में पूजा करने पहुंची। 27 अप्रैल को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री को जहरीला सांप बताया और 12 दिन बाद भाजपा के ऑफिस से सांप निकल आया। PM ने बेंगलुरु में एक दिन का रोड शो प्रोग्राम दो दिन का कर दिया। वजह था शहर का ट्रैफिक। आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं के जश्न में खुद CM बसवराज बोम्मई जाम में फंस गए।
पहली बार 73.19% मतदान, पिछले चुनाव से 1% ज्यादा
राज्य में 38 साल से सत्ता रिपीट नहीं हुई है। आखिरी बार 1985 में रामकृष्ण हेगड़े के नेतृत्व वाली जनता पार्टी ने सत्ता में रहते हुए चुनाव जीता था। वहीं, पिछले पांच चुनाव (1999, 2004, 2008, 2013 और 2018) में से सिर्फ दो बार (1999, 2013) सिंगल पार्टी को बहुमत मिला। भाजपा 2004, 2008, 2018 में सबसे बड़ी पार्टी बनी। उसने बाहरी सपोर्ट से सरकार बनाई। 10 मई को 224 सीटों के लिए 2,615 उम्मीदवारों के लिए 5.13 करोड़ मतदाताओं ने वोट डाले। चुनाव आयोग के मुताबिक, कर्नाटक में 73.19% मतदान हुआ है। यह 1957 के बाद राज्य के चुनावी इतिहास में सबसे ज्यादा है।
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