कुलवंत कौर के साथ बंसी लाल की रिपोर्ट। सूर्या फ़ाउण्डेशन ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 पर जागरूकता लाने के लिए 24.02.2024 को एक सेमिनार आयोजित किया। मुख्य वक्ता शंकरानन्द ने कहा कि छात्र को अन्तर्निहित दिव्यता को अभिव्यक्त करने योग्य बनाना शिक्षा का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने शिक्षा के तीन मंत्र, 1- छात्र को भगवत्स्वरूप मानकर शिक्षा देना, 2- त्याग पूर्ण, यज्ञभावित, परोपकारी व्यक्ति बनाना और 3 - व्यक्ति को सत्यनिष्ठ और कर्तव्यनिष्ठ बनाना, बताए। उन्होंने व्यक्ति का अर्थ व्यक्त करने वाला बताते हुए कहा कि शिक्षा के द्वारा व्यक्ति अपने को शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक, बौद्धिक और आध्यात्मिक रूप से अभिव्यक्त करने योग्य बनना चाहिए।
अन्त में उन्होंने कहा कि शिक्षकों को सदाचारी बनकर छात्रों को सदाचरण सिखाना चाहिए। सुखमय-सुविधापूर्ण रास्तों को छोड़कर कठिनाई भरे सन्मार्ग को अपनाना चाहिए। मुख्य अतिथि के रूप में इस्कॉन के पूज्य संत प्रभु जी करुणाचन्द्र दास ने कहा कि केवल कौशल विकास से शिक्षा पूर्ण नहीं होती। व्यक्ति को सच्चरित्र और सद्गुण संपन्न बनाना जरूरी है। इसके लिए शिक्षा में कौशल विकास के साथ आध्यात्मिकता को सम्मिलित करना आवश्यक है।
राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहो ..Read More
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेन्द्र सिंह सोलंकी के नेतृत ..Read More
इकोसस्टेनेबल डेवलपमेंट फाउंडेशन (ESDF) नई दिल्ली द्वारा ग्लोबल एनवायरनमेंट समिट एवं अव ..Read More
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप), दिल्ली द्वारा आज एक प्रेस वार्ता आयोजित कर 29 स ..Read More
कर्ण गोष्ठी कल्याण समिति द्वारा रविवार को “विद्या गौरव सम्मान 2026” कार्यक ..Read More
अपोलो एथेना, एशिया का पहला ऐसा व्यापक कैंसर सेंटर जो केवल महिलाओं के लिए समर्पित है, न ..Read More
दिल्ली विश्वविद्यालय के श्यामा प्रसाद मुखर्जी महिला कॉलेज के राजनीति विज्ञान विभाग द्व ..Read More
जीतो न्यू दिल्ली चैप्टर द्वारा विश्व नवकार महामंत्र दिवस के अवसर पर एक भव्य आयोजन का स ..Read More
भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित इंडिया रबर एक्सपो 2026 के तीसरे दिन व्यावसायिक गतिविध ..Read More