कुलवंत कौर के साथ बंसी लाल की रिपोर्ट। भारत स्काउट्स एवं गाइड्स (BSG) के प्रथम राष्ट्रीय रोवर–रेंजर जम्बूरी, बालोद (छत्तीसगढ़) में एक ऐतिहासिक और गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर दैनिक ट्रिब्यून के संपादक एवं वरिष्ठ पत्रकार नरेश कौशल को भारत स्काउट्स एवं गाइड्स का सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान ‘सिल्वर एलीफेंट अवॉर्ड’ प्रदान किया गया। यह प्रतिष्ठित सम्मान जम्बूरी के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि राज्यपाल रमेन डेका द्वारा प्रदान किया गया। नरेश कौशल को यह सम्मान स्काउट–गाइड आंदोलन के प्रति उनके आजीवन समर्पण, युवाओं के चरित्र निर्माण में उल्लेखनीय योगदान तथा पत्रकारिता के माध्यम से सेवा, अनुशासन और राष्ट्रनिर्माण के मूल्यों को सशक्त रूप से समाज तक पहुँचाने के लिए दिया गया।
यह विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि नरेश कौशल का स्काउट–गाइड आंदोलन से जुड़ाव छह दशकों से भी अधिक पुराना है। वर्ष 1964 में इलाहाबाद में आयोजित भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के चतुर्थ राष्ट्रीय जम्बूरी में वे एक स्काउट के रूप में सहभागी रहे थे। उस समय उनके साथ उनके बाल्यकालीन मित्र एवं प्रख्यात फिल्म अभिनेता स्वर्गीय ओम पुरी भी उपस्थित थे। यह अनुभव उनके जीवन की दिशा तय करने वाला सिद्ध हुआ और सेवा, अनुशासन तथा देशभक्ति के मूल्य उनके व्यक्तित्व में गहराई से समाहित हो गए। प्रथम राष्ट्रीय रोवर–रेंजर जम्बूरी, बालोद में उन्हें मिले इस सर्वोच्च सम्मान पर डॉ. अनिल जैन, अध्यक्ष, भारत स्काउट्स एवं गाइड्स तथा डॉ. के. के. खंडेलवाल, मुख्य राष्ट्रीय आयुक्त (Chief National Commissioner), भारत स्काउट्स एवं गाइड्स ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।
सम्मान प्राप्त करने के उपरांत नरेश कौशल ने राष्ट्रीय जम्बूरी में सामान्य सलामी (General Salute) ली तथा डॉ. के. के. खंडेलवाल के साथ संयुक्त रूप से जम्बूरी ध्वज का ध्वजारोहण किया। यह क्षण जम्बूरी के इतिहास में एक प्रेरणादायी और गौरवपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज हो गया। जम्बूरी के दौरान नरेश कौशल ने पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और चंडीगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से आए रोवर्स एवं रेंजर्स से संवाद किया। उन्होंने स्काउटिंग को अच्छी नागरिकता, नेतृत्व विकास और राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम बताते हुए युवाओं को समाज के प्रति अपने दायित्वों का बोध कराया।
इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, आपदा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार (First Aid) जैसी गतिविधियों की विशेष रूप से सराहना की और इन्हें वर्तमान समय की अत्यंत आवश्यक सेवाएँ बताया। श्री कौशल ने जम्बूरी परिसर में लगाए गए विभिन्न कैंपों एवं उप-कैंपों का निरीक्षण किया तथा प्रकृति की गोद में एक तंबू में ठहरकर देश के 54 राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, रेलवे ज़ोन्स, केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) और नवोदय विद्यालय संगठन (NVS) सहित विभिन्न संस्थानों से आए लगभग 15,000 रोवर्स एवं रेंजर्स के साथ समय बिताया। भारत स्काउट्स एवं गाइड्स ने विश्वास व्यक्त किया कि नरेश कौशल को प्रदान किया गया यह सर्वोच्च सम्मान न केवल उनके योगदान का सम्मान है, बल्कि देशभर के युवाओं को सेवा, अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रभक्ति के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए नई प्रेरणा भी प्रदान करेगा।
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