कुलवंत कौर के साथ बंसी लाल की रिपोर्ट। इस बार दिल्ली की फिज़ाओं में सिर्फ़ राजनीति नहीं, खुफिया मिशनों की सनसनी भी तैर रही है! जब स्पेशल ऑप्स 2 की ताक़तवर टीम राजधानी पहुंची, तो हर कोने में साज़िश, सस्पेंस और सच्चाई की झलक दिखाई दी – एक ऐसा दिन जो शो की ही तरह रहस्यमयी, रोमांचक और विचारोत्तेजक था। स्पेशल ऑप्स 2 की कहानी में अहम भूमिका निभाने वाली दिल्ली ने इस दिन एक जासूसी अड्डे का रूप ले लिया, जहां एक मंच पर एकत्रित हुए शो के प्रमुख चेहरे – के के मेनन, नीरज पांडे, शिवम नायर, करण टेकर, ताहिर राज भसीन और विनय पाठक। सभी ने अपने-अपने किरदारों, कहानी की परतों और Special Ops की बढ़ती दुनिया को लेकर दिलचस्प अनुभव साझा किए। उनकी मौजूदगी और जोश ने यह साफ कर दिया कि इस बार का अध्याय सबसे रोमांचक, सबसे जटिल और सबसे बड़ा होने वाला है।
क्रिएटर नीरज पांडे से जब पूछा गया कि क्या इस सीजन की कहानी असली इंटेलिजेंस से प्रेरित है, तो उन्होंने कहा, “साइबर सुरक्षा और डिजिटल खतरों को अब हम भविष्य की नहीं, आज की चुनौती के रूप में देख रहे हैं। जिस तरह हम डिजिटल दुनिया में अपनी पहचान और लेनदेन को संभालते हैं, वो हमें और अधिक असुरक्षित बनाता है। इस सीजन में जो कुछ आप देखेंगे, वो काफी हद तक असली खुफिया अधिकारियों से मिली बातचीत और उनके अनुभवों से प्रेरित है। असलियत ही हमेशा हमारी कहानी का आधार रही है।” के के मेनन, जो एक बार फिर ‘हिम्मत सिंह’ के किरदार में नज़र आएंगे, ने कहा, “एक अभिनेता के लिए सबसे आसान चीज़ तब होती है जब लेखन बेहतरीन हो। बस संवादों के पीछे छिपे भाव को समझना होता है, और वही निभाना होता है। जो भी आपने देखा या महसूस किया, उसका सारा श्रेय लेखन को जाता है।”
करण टेकर, जो इस सीजन में और भी मज़बूत भूमिका में हैं, ने कहा, “किसी भी किरदार का विकास लेखन के ज़रिए ही होता है, और इसका पूरा श्रेय जाता है नीरज सर को। इस बार की कहानी में एक्शन, ड्रामा और इमोशन — सब कुछ कई गुना बढ़ गया है। Special Ops का यूनिवर्स अब और भी विशाल हो गया है।” पहली बार Special Ops की दुनिया में कदम रखते हुए ताहिर राज भसीन ने साझा किया, “मेरे लिए सबसे रोचक बात यह थी कि जब मुझे किरदार के बारे में बताया गया, तो ये एक आम खलनायक जैसा नहीं था। यहां इस किरदार की एक ठोस पृष्ठभूमि है, उसके कुछ अपने सिद्धांत हैं। और वो उन्हीं सिद्धांतों के आधार पर लोगों और परिस्थितियों को मोड़ता है। ये एक ग्रे ज़ोन है, और उसी में इसकी दिलचस्पी है।”
विनय पाठक, जो एक बार फिर ‘अब्बास शेख’ के रूप में वापसी कर रहे हैं, ने बड़े ही सहज लेकिन गूढ़ अंदाज़ में कहा, “काम एक बार कर लिया तो समझो खाना खा लिया, अब अगर उसी प्लेट से दोबारा खाना हो तो मेहनत बढ़ जाती है।” इसके साथ ही उन्होंने अपने खास अंदाज़ में दिल्ली पुलिस को लेकर भी एक बात जोड़ी, “दिल्ली पुलिस देश की सबसे होशियार फोर्स है। हम सभी को कभी न कभी उनका अनुभव हुआ होगा – मुझे भी हुआ है! वो तेज़ हैं, सड़क-समझदार हैं और हमेशा अलर्ट रहते हैं।”
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