कुलवंत कौर के साथ बंसी लाल की रिपोर्ट। भारत में एडवांस्ड डायग्नोस्टिक सेंटर्स की एक जानी-मानी चेन 'महाजन इमेजिंग एंड लैब्स' ने AI-इंटीग्रेटेड ब्लड बायोमार्कर टेस्ट शुरू करके अल्ज़ाइमर जांच की अपनी क्षमताओं में नया आयाम जोड़ा है। यह टेस्ट एक स्ट्रक्चर्ड PET और MRI इमेजिंग के संयुक्त उपयोग से होता है। इस टेस्ट को डिमेंशिया डायग्नोस्टिक सीरीज़ के तहत पेश किया जा रहा है। इस सीरीज़ में pTAU217/βAmyloid1-42 रेशियो का इस्तेमाल करके अल्ज़ाइमर ब्लड बायोमार्कर टेस्टिंग, साथ ही कॉग्निटिव हेल्थ और जेनेटिक रिस्क पैनल, डिमेंशिया प्रोटोकॉल के साथ AI-इनेबल्ड MRI ब्रेन इमेजिंग, और जहां क्लीनिकली ज़रूरी हो वहां FDG PET इमेजिंग शामिल है। इस नए pTAU/Aβ1-42 ब्लड बायोमार्कर टेस्ट को USFDA और CDSCO से मंज़ूरी मिली है। यह टेस्ट गंभीर कॉग्निटिव लक्षण दिखने से काफी पहले अल्ज़ाइमर से जुड़े बायोलॉजिकल बदलावों का पता लगाने में मदद करता है। इससे भारतीय क्लीनिकल प्रैक्टिस में लक्षणों के आधार पर बीमारी का आकलन करने की बजाय बायोलॉजी-फर्स्ट डायग्नोसिस की ओर बढ़ने में मदद मिलती है।
इस डायग्नोस्टिक दृष्टिकोण को रविवार, 18 जनवरी, 2025 को गुरुग्राम में महाजन इमेजिंग एंड लैब्स द्वारा आयोजित एक साइंटिफिक सिम्पोजियम में औपचारिक रूप से पेश किया गया और इस पर चर्चा की गई। “Integrating Next-Generation Alzheimer’s Blood Biomarkers with PET Brain Imaging: A New Paradigm in Early and Accurate Diagnosis,” शीर्षक वाले इस सिम्पोजियम में 40 से ज़्यादा प्रमुख न्यूरोलॉजिस्ट और इमेजिंग एक्सपर्ट एक साथ आए ताकि यह जांच की जा सके कि कम्बाइंड लेबोरेटरी और इमेजिंग डायग्नोस्टिक्स वैश्विक स्तर पर और भारत में अल्जाइमर की देखभाल को कैसे नया आयाम दे रहे हैं।
इस सेशन में गेस्ट ऑफ ऑनर के तौर पर पारस हेल्थ में पद्म श्री डॉ. (प्रो.) वी.एस. मेहता, चेयरमैन एमेरिटस, न्यूरोसाइंसेज मौजूद थे। इस सेशन को आर्टेमिस हॉस्पिटल के चीफ ऑफ न्यूरोलॉजी डॉ. सुमित सिंह ने मॉडरेट किया। गुरुग्राम के पारस हेल्थ की चेयरपर्सन, न्यूरोलॉजी पद्म श्री डॉ. एम.वी. पद्मा और गुरुग्राम के मारेन्गो एशिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरो एंड स्पाइन (MAIINS) के चेयरमैन डॉ. परवीन गुप्ता ने और जानकारी दी, जबकि महाजन इमेजिंग एंड लैब्स की डायरेक्टर, PET CT और न्यूक्लियर मेडिसिन डॉ. रितु वर्मा ने एडवांस्ड बायोमार्कर टेस्टिंग के साथ इमेजिंग को इंटीग्रेट करने पर मुख्य क्लीनिकल पहलुओं पर रोशनी डाली।
हाल के अनुमानों से पता चलता है कि 60 साल और उससे ज़्यादा उम्र के 8.8 मिलियन से ज़्यादा भारतीय डिमेंशिया से पीड़ित हैं। इनमें से ज़्यादातर केस अल्ज़ाइमर बीमारी के हैं। अगले दशक में यह संख्या लगभग दोगुनी होने का अनुमान है। यह भयावह आंकड़ा समय पर इलाज और देखभाल की योजना के लिए शुरुआती और सटीक डायग्नोस्टिक टूल्स की बढ़ती ज़रूरत को दिखाता है। इस ज़रूरत को पहचानते हुए (प्रोफेसर) वी.एस. मेहता ने शुरुआती पहचान के महत्व पर ज़ोर देते हुए कहा, "शुरुआती और सटीक डायग्नोसिस अल्ज़ाइमर की प्रभावी देखभाल में बहुत महत्वपूर्ण होता है। AI-संचालित ब्लड बायोमार्कर को एडवांस्ड PET और MRI इमेजिंग के साथ इंटीग्रेट करना भारतीय न्यूरोलॉजी के लिए एक बड़ा बदलाव लाने वाला कदम है। इससे डॉक्टर न केवल लक्षणों के गंभीर होने से पहले बीमारी की पहचान कर पाएंगे, बल्कि बीमारी की प्रगति पर भी नज़र रख पाएंगे।”
डॉ. सुमित सिंह ने कहा, “अल्ज़ाइमर बीमारी भारत में एक बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या बनती जा रही है क्योंकि हमारी युवा आबादी अब वृद्धावस्था के चरण में जा रही है इसलिए इस बीमारी के ज्यादा होने की संभावना बढ़ रही है। अगर हम चाहते हैं कि इस बीमारी का इलाज और देखभाल प्रभावी ढंग से हो तो इसके लिए जरूरी है कि इस बीमारी का पता जल्दी चले और इसका निदान बहुत सटीक हो।” डॉ. एम.वी. पद्मा ने कहा, “ब्लड-बेस्ड बायोमार्कर को MRI और PET-CT इमेजिंग के साथ मिलाकर यह पैकेज समय पर बीमारी का पता लगाने, सही रेफरल और देखभाल की बेहतर योजना बनाने में मदद करता है। यह हमारे हेल्थकेयर सिस्टम की सक्रिय रूप से प्रतिक्रिया करने की क्षमता को मज़बूत करता है और परिवारों और समाज पर लंबे समय का बोझ कम करता है।”
अभी तक अल्ज़ाइमर के बायोमार्कर टेस्ट सेरेब्रोस्पाइनल फ्लूइड सैंपल पर निर्भर थे। यह मरीजों के लिए ज्यादा मुश्किल प्रक्रिया थी। आज प्लाज़्मा-बेस्ड टेस्टिंग से हम एक सिंपल ब्लड टेस्ट के ज़रिए वही ज़रूरी जानकारी हासिल कर सकते हैं। इससे डायग्नोसिस आसान, सुरक्षित और मरीज़ों के लिए ज्यादा स्वीकार्य हो जाता है। महाजन इमेजिंग एंड लैब्स अब अपनी रेफरेंस लेबोरेटरी में pTAU/Aβ1-42 ब्लड बायोमार्कर टेस्ट करती है, जिससे तेज़ रिपोर्टिंग, इमेजिंग नतीजों के साथ बेहतर क्लीनिकल इंटीग्रेशन और मरीज़ों और डॉक्टरों दोनों के लिए बेहतर किफायती सुविधा मिलती है। महाजन इमेजिंग एंड लैब्स की लैब डायरेक्टर डॉ. शैली महाजन ने कहा, “ अभी तक अल्ज़ाइमर का पता क्लीनिकल लक्षणों के दिखने पर होता था। इससे अक्सर सही इलाज में देरी होती है। वहीं ब्लड-बेस्ड बायोमार्कर डॉक्टरों को अल्ज़ाइमर पैथोलॉजी की पहचान बहुत शुरुआती स्टेज में करने में मदद करते हैं। शुरुआती स्टेज में बीमारी का पता चलने से मरीज़ों और परिवारों के पास योजना बनाने, इलाज कराने और सोच-समझकर देखभाल के फैसले लेने का मौका होता है। इस टेस्टिंग और एनालिसिस को भारत में लाने से एक बड़ी रुकावट दूर होगी और भारतीय डायग्नोस्टिक्स को ग्लोबल स्टैंडर्ड्स के अनुरूप बनाया जा सकेगा।”
विश्व स्तर पर अल्ज़ाइमर का डायग्नोसिस ज़्यादातर एमाइलॉयड PET इमेजिंग और सेरेब्रोस्पाइनल फ्लूइड (CSF) टेस्टिंग पर निर्भर करता है। भारत में अल्ज़ाइमर डायग्नोस्टिक्स के बारे में बात करते हुए महाजन इमेजिंग एंड लैब्स के फाउंडर और चेयरमैन ,पद्म श्री अवॉर्डी, डॉ. हर्ष महाजन ने कहा, "भारत में सीमित उपलब्धता और ज़्यादा खर्च, जोकि प्रति स्कैन दो लाख रुपये तक है, ने एमाइलॉयड PET टेस्ट आम लोगों की पहुँच से दूर कर दियाहै। इस कमी की वजह से कई डॉक्टर लक्षणों के नजर आने पर बीमारी पहचानते हैं। महाजन इमेजिंग एंड लैब्स के दृष्टिकोण की एक मुख्य खासियत लैब डायग्नोस्टिक्स को इमेजिंग के साथ जोड़ना है। ब्लड बायोमार्कर का 18F FDG के साथ कॉम्बिनेशन न केवल अल्ज़ाइमर के शुरुआती डायग्नोसिस में, बल्कि नए इलाज करा रहे मरीज़ों के फॉलो-अप में भी ट्रीटमेंट रिस्पॉन्स का आकलन करने में गेम-चेंजर साबित हो सकता है। इस सिम्पोज़ियम के निष्कर्ष न्यूरोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ़ इंडिया को भेजे जाएंगे ताकि भारत में अल्ज़ाइमर के डायग्नोसिस और इलाज के लिए गाइडलाइंस बनाने में मदद मिल सके। इसका असर दुनिया के दूसरे हिस्सों में अल्ज़ाइमर की जल्दी पहचान करने के तरीकों पर भी पड़ सकता है।”
इस डेवलपमेंट पर टिप्पणी करते हुए महाजन इमेजिंग एंड लैब्स की न्यूक्लियर मेडिसिन और PET CT की डायरेक्टर डॉ. रितु वर्मा ने बताया, "ब्लड बायोमार्कर एक मज़बूत प्राइमरी डायग्नोस्टिक इंडिकेटर के तौर पर काम करता है, MRI ब्रेन इमेजिंग मेमोरी से जुड़े हिस्सों में स्ट्रक्चरल बदलावों का पता लगाने और कॉग्निटिव लक्षणों के दूसरे कारणों, जैसे स्ट्रोक, ट्यूमर या प्रेशर से जुड़ी गड़बड़ियों को दूर करने में अहम भूमिका निभाती है। PET इमेजिंग का उपयोग तब किया जाता है जब इससे मरीज के इलाज में स्पष्ट लाभ हो और बीमारी की सही पहचान करने में मदद मिले।”
इस डायग्नोस्टिक दृष्टिकोण के बारे में बताते हुए डॉ. वर्मा ने कहा, “इस इंटीग्रेटेड डायग्नोस्टिक विधि से मरीज़ में pTAU/Aβ1-42 ब्लड बायोमार्कर टेस्ट से शुरूआत होती हैं। टेस्ट की रिपोर्ट पॉजिटिव आने या रिजल्ट संदिग्ध आने के बाद ज़रूरत पड़ने पर MRI ब्रेन और FDG PET CT किया जाता है। इसके बाद आगे के इलाज़ के लिए सभी टेस्ट रिपोर्ट को मिलाकर सही इलाज़ सुझाया जाता है। इलाज़ का यह फ्रेमवर्क खास तौर पर 50 साल से ज़्यादा उम्र के उन लोगों के लिए ज़रूरी होता है जिन्हें याददाश्त की समस्या हैं, हल्के कॉग्निटिव इंपेयरमेंट (MCI) के लक्षण हैं, या जिनके परिवार में अल्ज़ाइमर बीमारी किसी को रह चुकी हो, और ऐसे केसों में जहां एडवांस्ड इमेजिंग की सुविधा नहीं होती है वहां यह दृष्टिकोण फायदेमंद होता है।”
डायग्नोसिस में इस नई सुविधा के आने से महाजन इमेजिंग एंड लैब्स सटीक डायग्नोस्टिक्स में अपनी भूमिका को और ज्यादा मज़बूत किया है। इस नए डायग्नोस्टिक दृष्टिकोण से डॉक्टरों को इंटीग्रेटेड, साइंस-आधारित टूल मिलते हैं जो अल्ज़ाइमर का जल्दी, ज़्यादा स्पष्ट और ज़्यादा भरोसेमंद डायग्नोसिस करते हैं। डायग्नोसिस की यह सुविधा अल्जाइमर मरीजों के परिवारों के लिए बहुत राहत भरी ख़बर है।
कुलवंत कौर के साथ बंसी लाल की रिपोर्ट। 2024 में अपने पहले संस्करण की ज़बरदस्त सफलता के ..Read More
कुलवंत कौर के साथ बंसी लाल की रिपोर्ट। भारत में एडवांस्ड डायग्नोस्टिक सेंटर्स की एक जा ..Read More
कुलवंत कौर के साथ बंसी लाल की रिपोर्ट। भारत ने वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल फाउंडेशन के तहत नई ..Read More
अखिल भारतीय साहित्य परिषद् द्वारा रविवार को नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला में 'ओटीटी प्ल ..Read More
घातक सड़क दुर्घटनाओं के इतिहास वाले उच्च जोखिम वाले गलियारों में आपातकालीन चिकित्सा दे ..Read More
भारत में कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) अब केवल अनुपालन या खर्च तक सीमित नहीं रह ..Read More
कुलवंत कौर के साथ बंसी लाल की रिपोर्ट। भारत की अग्रणी इलेक्ट्रॉनिक्स रिटेल चेन इल ..Read More
मैथिली भाषा और साहित्य के संरक्षण एवं संवर्द्धन हेतु समर्पित प्रतिष्ठित संस्था मैथिली ..Read More
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की दो-दिवसीय केंद्रीय कार्यसमिति बैठक का गोवा के ..Read More