कुलवंत कौर के साथ बंसी लाल की रिपोर्ट। 2024 में अपने पहले संस्करण की ज़बरदस्त सफलता के बाद आलेख फाउन्डेशन अपने प्रमुख सांस्कृतिक महोत्सव को फिर से ला रहे हैं, जिसका आयोजन नई दिल्ली के त्रावणकोर पैलेस में 30 जनवरी से 1 फरवरी 2026 के बीच किया जाएगा। ऐतिहासिक पूर्व-पश्चिम सांस्कृतिक समागम के रूप में परिकल्पित अनंत समागम का दूसरा संस्करण राजस्थान, पश्चिम बंगाल और असम की समृद्ध परम्पराओं को एक मंच पर लेकर आएगा। पहले संस्करण (केरल- उत्तर पूर्व) की सफलता पर आधारित यह संस्करण भारत के रेगिस्तान, डेल्टा एवं नदी किनारे पनपी संस्कृतियों के बीच ऐतिहासिक, कलात्मक एवं दार्शनिक संबंधों को दर्शाता है। एक गहन, बहु-आयामी अनुभव के रूप में डिज़ाइन किए गए तीन दिवसीय महोत्सव में दर्शकों को संगीत, विज़ुअल आर्ट्स, हैण्डलूम एवं क्राफ्ट, फैशन, भोजन, संस्कृति के संयोजन का अनुभव प्राप्त करने का मौका मिलेगा।
कार्यक्रम का विवरण
दिनांकः 31 जनवरी और 1 फरवरी 2026प्रीव्यूः 30 जनवरी 2026समयः दोपहर 11 बजे से शाम 10 बजेआयोजन स्थलः त्रावणकोर पैलेस, श्रीमंत माधव राव सिंदिया मार्ग, कोपरनिकस मार्ग, नई दिल्ली- 110001
कार्यक्रम का आकर्षण केन्द्र होंगे बांधनी, जामदानी एवं मूगा सिल्क के हैण्डलूम एवं क्राफ्ट का प्रदर्शन; पल्लवी जयपुर, जाह्नबी फूकन, सोनम दूबल, बप्पादित्या बिस्वास जैसे डिज़ाइनरों की ओर से फैशन प्रेज़ेन्टेशन; स्वादिष्ट व्यंजन तथा कुतले खान, फकीरा बैण्ड, सुनीता भूयन एवं ज़ूहेर कलेक्टिव जैसे कलाकारों द्वारा शानदार म्युज़िक परफोर्मेन्स। समीक्षा आर्ट गैलेरी के सहयोग से और यामिनी तेलकर के सहयोग से पेश की गई विज़ुअल आर्ट प्रदर्शनी कई जाने-माने कलाकारों की कारीगरी को इस मंच पर लेकर आएगी। परफोर्मेन्सेज़ एवं प्रदर्शनियों के अलावा पैनल चर्चाएं एवं सांस्कृतिक बातचीत- सांस्कृतिक निरंतरता एवं विरासत की समकालीन व्याख्या को बढ़ावा देंगे।
‘अनंत समागम की अवधारणा ऐसे मंच के रूप में तैयार की गई थी, जहां भारत की संस्कृतियां अलग-थलग रहने के बजाए आपसी तालमेल में रहें। हमारे पहले संस्करण में केरल और उत्तर पूर्व के बीच बातचीत के बाद दूसरा संस्करण राजस्थान, बंगाल एवं असम पर रोशनी डालेगा- ये क्षेत्र कारोबार, टेक्सटाईल्स, संगीत एवं आध्यात्मिक विचारों के माध्यम से एक दूसरे के साथ जुड़े हुए हैं। प्रदर्शनियों एवं परफोर्मेन्सेज़ के अलावा पैनल चर्चाएं आज की दुनिया में संस्कृति के बारे में विचार करने के लिए प्रोत्साहित करेंगी। डॉ रेनी जॉय, संस्थापक, आलेख फाउन्डेशन ने कहा।
आलेख में हम ऐसे उभरते कलाकारों को पहचान कर समर्थन प्रदान करते हैं, जो सांस्कृतिक बातचीत में पहले से सक्रिय हैं। अनंत समागम के माध्यम से हम ऐसे प्लेटफॉर्म का निर्माण कर रहे हैं, जहां नई पीढ़ी के कलाकार संस्थानों, गैलेरियों एवं दर्शकों के साथ सक्रियता से जुड़ते हैं। आर्ट डायरेक्टर एवं प्रतिभागी कलाकार के रूप में मेरी भूमिका इसी दृष्टिकोण को आकार देने की है।’’ दिव्यमान सिंह, आर्ट डायरेक्टर, आलेख फाउन्डेशन ने कहा। अनंत समागम भारत की विविध कलात्मक आवाज़ों का उत्सव है तथा उभरते कलाकारों को बढ़ावा देने और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए आलेख फाउन्डेशन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अनंत समागम के दूसरे संस्करण का प्रीव्यू 30 जनवरी 2026 को होगा, जिसके बाद 31 जनवरी से 1 फरवरी 2026 दोपहर 11 बजे से शाम 10 बजे तक यह आम जनता के लिए खुला रहेगा।
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