नागरिकता अधिनियम संशोधन 2004 के मुताबिक असम को छोड़कर शेष देश में अगर किसी के माता-पिता में कोई भी एक भारत का नागरिक है और अवैध अप्रवासी नहीं है तो ऐसे बच्चों को भारतीय नागरिक माना जाएगा। अधिकारी के मुतबिक धिकारी ने कहा कि जो कोई भी व्यक्ति भारत में 1987 से पहले जन्मा है, कानून के मुताबिक उसे स्वत: ही भारत का नागरिक माना जाएगा। असम के मामले में कट ऑफ डेट 1971 है।
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